Q. वैद्युत आवेश क्या है?
किसी वस्तु अथवा पदार्थ का वह गुण है जिसकी उपस्थिति में वस्तु किसी और वस्तु को अपनी तरफ आकर्षित या प्रतिकर्षण करती है ऐसे गुण को आवेश कहते हैं
एक लंबे समय के अध्ययन के पश्चात अमेरिकी वैज्ञानिक बेंजिल फ्रेंडली ने कहा कि वस्तुओं को आपस में रगड़ने पर जो आकर्षण का गुण उत्पन्न होता है उसे विद्युत आवेश कहते हैं
वैधुत आवेश कितने प्रकार के होते हैं तथा इनके बीच कौन सा बल कार्य करता है
वैधुत आवेश दो प्रकृति के होते हैं धन एवं ऋण तथा इन दो प्रकृति के बीच दो प्रकार का बल उत्पन्न होता है जब सामान आवेश रहते हैं तो प्रतिकर्षण बल उत्पन्न होता है एवं जब विपरीत प्रकृति के आवेश होते हैं तो आकर्षण बल का गुण उत्पन्न होता है
सत्यापन:- सभी पिंड छोटे-छोटे कणों से मिलकर बने होते हैं जिन्हें परमाणु कहते हैं तथा बहुत प्रयोग के बाद यह पाया गया कि परमाणु के तीन मौलिक कण इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन है तथा इलेक्ट्रॉन प्रकृतिक रूप से ऋण कण है जिसपर आवेश का मान -1.6 x 10^-19 c है एवं प्रोटोन प्राकृत प्रदत धन कण है जिसपर आवेश का मान +1.6 x 10^-19 C है तथा न्यूट्रॉन प्राकृतिक रूप से उदासीन कण है जिस पर आवेश का मान 0 C है इसी कारण से किसी परमाणु के अंदर इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटोन के आवेश बराबर एवं विपरीत होने से आवेश का प्रभाव 0 होता है
रसायन शास्त्री बोर ब्यूरो ने कहा कि किसी भी परमाणु के अंदर प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन उसके केंद्र में पाया जाता है जो उसे भार प्रदान करता है तथा इलेक्ट्रॉन परमाणु के विभिन्न वृत्ताकार कक्षाओं में भिन्न भिन्न संख्या में केंद्र का परिक्रमा करता है यानी कि किसी भी परमाणु के ऊपरी सतह पर इलेक्ट्रॉन का आवरण पाया जाता है जिसे इलेक्ट्रॉन बादल के नाम से भी जाना जाता है इसी प्रकार जब परमाणु के ऊपरी सतह पर जिस प्रकार इलेक्ट्रॉन पाया जाता है उसी प्रकार किसी पदार्थ के ऊपरी सतह पर भी इलेक्ट्रॉन पाया जाता है इसी कारण जब पदार्थ को आपस में रगड़ा जाता है तो रगड़ने के पश्चात इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण एक पदार्थ से दूसरे पदार्थ पर हो जाता है जिससे एक पर कम तथा दूसरे पर ज्यादा इलेक्ट्रॉन होता है जिस पर कम इलेक्ट्रॉन होता है वह धन आवेश तथा जिस पर अधिक इलेक्ट्रॉन होता है वह ऋण आवेश होता है इस प्रकार हम कह सकते हैं कि पदार्थों को रगड़ने पर स्थानांतरण के दौरान उसमें आकर्षण का गुण यानी कि आवेश उत्पन्न होता है
वैधुत आवेश के विशेषताएं को लिखें
1. यह एक अदिश राशि है
2. इस का s.i मात्रक कूलॉम होता है
3. इसका व्यवहारिक मात्रक एंपियर घंटा है
1 AH= 3600 C
4. इसका सबसे बड़ा मात्रक फराडे होता है
1F = 96500 C
5. इसका सबसे छोटा मात्रक फ्रैंकलीन है
1Fr= 3.3 x 10^-10 C
चालक क्या है?
वैसा पदार्थ जो विद्युत आवेश को अपने से होकर जाने की अनुमति देते हैं उस पदार्थ को चालक कहते हैं
जैसे :-चांदी, तांबा, एलमुनियम ,ग्रेफाइट, सभी धातु ,इत्यादि
अचालक क्या है?
प्रकृति का वैसा पदार्थ जो विद्युत आवेश को अपने से होकर जाने की अनुमति नहीं देता है यानी कि उसका विरोध करता है उसे अचालक या विद्युत रोधी पदार्थ कहते हैं
जैसे:- लकड़ी ,नायलॉन ,प्लास्टिक, सभी अधातु, इत्यादि
अर्धचालक क्या है?
प्रकृति के वे पदार्थ जिसके कुछ कण वैधुत आवेश को अपने से होकर जाने की अनुमति देते हैं और कुछ नहीं तो ऐसे पदार्थ जिनके कण भिन्न-भिन्न गुण रखते हैं उसे अर्धचालक कहते हैं
जैसे:- सिलिकॉन,जर्मीनियम , इत्यादि

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